April 13, 2024
rubella

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इस समय मध्य प्रदेश में लगातार मीजल्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बता दें अभी तक इस बीमारी की वजह से से दो बच्चों की मौत के बाद से ही पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है। इतना ही नहीं पिछले दिनों खुद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO ने मीजल्स (Rubella) को लेकर एक डराने वाली चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक साल के अंत तक मीजल्स आधी से ज्यादा दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी के बचाव को लेकर सही कदम उठाए जाए। खासकर जब देश के एक हिस्से में इसके मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

Measles

जानिए मीजल्स कैसे फैलता है?

मीजल्स एक संक्रामक बीमारी है, जिसे खसरा भी कहा जाता है। यह मीजल्स वायरस के कारण फैलता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर दाने निकलने शुरू होते हैं, तो चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं। इसमें फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सर्दी, खांसी और आंखें लाल हो जाती हैं। यह बीमारी उन लोगों को फैलने की ज्यादा संभावना होती है, जिन्हें इस वायरस के खिलाफ वैक्सीन नहीं लगी है। आइए जानते हैं इससे बचने के कुछ उपाय-

सभी बच्चों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करें –

अगर आप बच्चों को किसी भी तरह के संक्रमण से बचाना चाहते हैं तो ऐसे में वायरस को खुद दूर रखना बेहद जरूरी है। वायरस आमतौर पर हाथों के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करता है। ऐसे में वायरस को बच्चों से दूर रखने के लिए उन्हें बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।

संपर्क में आने वाली सतहों को सैनिटाइज करें –

मीजल्स बेहद संक्रामक होता है और संक्रमित मरीज द्वारा छूई गई सतहों पर इसका वायरस 3-4 घंटे तक जीवित रह सकता है। ऐसे में दरवाजे के हैंडल, नल, रसोई काउंटरटॉप्स और फर्नीचर जैसी बार-बार छुई जाने वाली सतहों को सैनिटाइज करना जरूरी है।

बच्चों को हाइड्रेट रखें –

किसी भी तरह के वायरस या बैक्टीरिया से बचने के लिए इम्युनिटी का मजबूत होना बेहद जरूरी है। ऐसे में अपने बच्चों को मीजल्स से बचाने के लिए उनकी इम्युनिटी का ख्याल रखना जरूरी है। अपने बच्चे को हाइड्रेटेड रखने के लिए उन्हें खूब तरल पदार्थ पिलाएं।

भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें –

भीड़-भाड़ वाली या सार्वजनिक जगहों पर अक्सर ऐसे वायरस के फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में कोशिश करें कि अपने बच्चों का भीड़ के संपर्क में आना सीमित करें। अपने बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भेजने से परहेज करें।

शिशुओं को स्तनपान जरूर करवाएं –

मां का दूध एंटीबॉडी से भरपूर होता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। पहले छह महीनों के दौरान शिशुओं को सिर्फ स्तनपान कराना और उसके बाद 18 महीने की उम्र तक पोषक आहार देना जरूरी है।

बच्चों को वैक्सीन जरूर लगवाएं –

मीजल्स से बचने का सबसे प्रभावी और आसान तरीका इसकी वैक्सीन लगवाना है। अगर आप भी अपने बच्चे को इस संक्रमण से बचाना चाहते हैं, तो उन्हें इसके खिलाफ वैक्सीन जरूर लगवाएं।

मास्क पहनें

वायरस को शरीर में जाने से रोकने के लिए मास्क एक प्रभावी तरीका है। ऐसे में अपने बच्चों को यह सिखाएं और स्वयं भी यह ध्यान रखें कि आपके बच्चे सार्वजनिक स्थानों पर अपना चेहरा ढककर या मास्क पहनकर रखें।

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