April 13, 2024
Glaucoma

Glaucoma

Glaucoma आंखों से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जिसके बारे में आपको जानना जरूरी है। इस बीमारी की वजह से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। इस प्रॉब्लम को काला मोतियाबिंद के नाम से भी जाना जाता है। ग्लूकोमा होने पर आंखों की वो नर्व डैमेज हो जाती है, जिसका कनेक्शन ब्रेन से होता है। आज दुनियाभर में इससे कई सारे लोग पीड़िता है। इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से हर साल 12 मार्च को वर्ल्ड ग्लूकोमा डे मनाया जाता है। इसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं जानेंगे उसके बारे में।

Glaucoma

मिथक: ग्लूकोमा का खतरा उन्हें ही होता है जिनकी फैमिली हिस्ट्री रही हो। 

तथ्य: बेशक परिवार में अगर किसी को ग्लूकोमा की परेशानी रही हो, तो इससे आने वाली पीढ़ी में भी इसका खतरा बढ़ा जाता है, लेकिन यह किसी को भी हो सकता है। इस वजह से समय-समय पर हेल्थ के साथ आंखों की जांच भी कराते रहना जरूरी है। जिससे समय रहते होने वाली समस्याओं का पता लग सके और उनका उपचार किया जा सके।

मिथक: ग्लूकोमा बुजुर्गों को होने वाली बीमारी है। 

तथ्य: ये भी गलत है। हां, बुढ़ापे में इसके होने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन कुछ खास तरह के ग्लूकोमा 20 से 40 साल के व्यस्कों और यहां तक कि छोटे बच्चों में भी देखने को मिल सकते हैं। 

मिथक: ग्लूकोमा सर्जरी से ठीक हो जाता है।

तथ्य: नहीं, ग्लूकोमा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन हां, समय रहते इसका पता लग जाने पर इसके बढ़ने की गति को धीमा जरूर किया जा सकता है। इसके लिए एक्सपर्ट द्वारा दिए गए सुझावों को फॉलो करना जरूरी है। इससे आप आंखों की रोशनी जाने से बचा सकते हैं।

मिथक: आंखों के व्यायाम से ग्लूकोमा को ठीक किया जा सकता है।

तथ्य: यह पूरी तरह से सही नहीं है, मतलब आंखों के व्यायाम से ग्लूकोमा ठीक नहीं हो सकता, लेकिन इससे आंखों को हेल्दी जरूर रखा जा सकता है। ग्लूकोमा से निपटने के लिए आई एक्सपर्ट द्वारा सुझाए गए टिप्स को फॉलो करें। 

मिथक: Glaucoma के कारण अंधेपन की समस्या ठीक नहीं हो सकती।

तथ्य: हां, बिल्कुल ग्लूकोमा की वजह से अंधेपन की समस्या को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन हां, जल्द पता लगाकर और समय पर उपचार की शुरुआत करके काफी हद तक आंखों की रोशनी को जाने से रोका जरूर जा सकता है। इसके लिए आंखों की जांच सबसे पहला और जरूरी कदम है।

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